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HTTP और HTTPS क्या है? इनमें क्या अंतर है – http vs https in Hindi

क्या आपने किसी ब्राउज़र के एड्रेस बार में वेबसाइट ब्राउज़ करते समय http:// या https:// पर ध्यान दिया है? ये दोनों internet protocol है। यदि इनमें से कोई भी मौजूद नहीं है, तो सबसे अधिक संभावना है, यह http:// है| आपके मन में कभी न कभी यह सवाल आया होगा की आखिर ये हैं क्या, ये काम कैसे करते हैं और HTTP और HTTPS के बीच क्या अंतर है। इस लेख में हमने HTTP और HTTPS के बारे में पूरी जानकारी देने की कोशिश की है|

HTTP क्या है?

http in hindi

HTTP हाइपरटेक्स्ट ट्रांसफर प्रोटोकॉल(Hypertext Transfer Protocol) का संक्षिप्त नाम है। यह वर्ल्ड वाइड वेब उपयोगकर्ताओं को वेब पेजों पर तस्वीरें, टेक्स्ट, वीडियो, संगीत और अन्य फ़ाइलों जैसी जानकारी स्थानांतरित करने की अनुमति देता है। http मूल रूप से html पृष्ठों तक पहुँचने में और उन्हें पढ़ने के लिए उपयोग किया जाता है| http वेब पर डेटा ट्रांसफर के लिए सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाने वाला प्रोटोकॉल रहा है| यह प्रोटोकॉल मूल रूप से सभी शुरुआती वेबसाइटों के लिए उपयोग किया गया था।

HTTPS क्या है?

https in hindi

HTTPS का फुल फॉर्म Hypertext Transfer Protocol Secure है| HTTP प्रोटोकॉल का समस्या यह है कि सर्वर से ब्राउज़र तक प्रवाहित होने वाली जानकारी को एन्क्रिप्ट(encrypt) नहीं किया जाता है, जिसका अर्थ है कि इसे आसानी से चोरी किया जा सकता है। HTTPS प्रोटोकॉल एक SSL (सिक्योर सॉकेट लेयर) सर्टिफिकेट का उपयोग करके इसे एन्क्रिप्ट करता है, जो सर्वर और ब्राउज़र के बीच एक सुरक्षित एन्क्रिप्टेड(encrypted) कनेक्शन बनाने में मदद करता है, जिससे संवेदनशील जानकारी को सर्वर और ब्राउज़र के बीच स्थानांतरित होने वक्त चोरी होने से बचाता है।

पहले HTTPS कनेक्शन का उपयोग केवल ऑनलाइन वित्तीय लेनदेन के लिए किया गया था। लेकिन, हाल के वर्षों में, लगभग सभी प्रकार की वेबसाइटों ने सुरक्षित संचार प्रदान करने के लिए HTTPS कनेक्शन का उपयोग करना शुरू कर दिया है। HTTPS का उपयोग करने वाली वेबसाइटों में एक अद्वितीय डिजिटल प्रमाणपत्र होता है, जिसे कुछ प्रमाणपत्र प्राधिकरण कंपनियों जैसे GeoTrust, Let’s Encrypt आदि से खरीदा जाता है।

HTTP और HTTPS में क्या अंतर है?

विषयHTTPHTTPS
आविष्कारइस प्रोटोकॉल का आविष्कार Sir Timothy John ने किया था।इस प्रोटोकॉल का आविष्कार Netscape Corporation ने अपने Navigator ब्राउज़र के लिए किया था।
आरंभ या शुरुआतHTTP URL की शुरुआत http:// से शुरू होते है।HTTPs URL की शुरुआत https:// से होती है।
प्रोटोकॉलयह TCP / IP प्रोटोकॉल का उपयोग करता है।HTTPS का कोई अलग प्रोटोकॉल नहीं है। यह HTTP का उपयोग करता है, लेकिन एन्क्रिप्टेड TLS / SSL कनेक्शन का उपयोग करता है।
Portयह डिफ़ॉल्ट(default) रूप से पोर्ट(port) 80 का उपयोग करता है।यह डिफ़ॉल्ट रूप से पोर्ट 443 का उपयोग था।
सुरक्षायह कम सुरक्षित है क्योंकि डेटा हैकर्स की चपेट में आ सकता है।यह हैकर्स को महत्वपूर्ण जानकारी तक पहुंचने से रोकने के लिए बनाया गया है। यह ऐसे हमलों के खिलाफ सुरक्षित है।
इस्तेमालऐसे ज्यादातर ब्लॉगों में इस्तेमाल किया जाता है।ज्यादातर उन वेबसाइट में इस्तेमाल किया जाता है जिसमें ऑनलाइन पेमेंट का उपयोग होता है जैसे बैंक और ई-कॉमर्स।
डेटा एन्क्रिप्शन(Encryption)डेटा स्थानांतरित करते समय HTTP डेटा को एन्क्रिप्ट नहीं करता है। इसलिए हैकर्स के पास जानकारी हसीर करने का एक मौका उपलब्ध है।डेटा स्थानांतरित से पहले HTTPS डेटा को एन्क्रिप्ट करता है। इसलिए HTTPS में जानकारी सुरक्षित है।
SSL CertificateHTTP वेबसाइट को SSL की आवश्यकता नहीं है। HTTPS को SSL प्रमाणपत्र की आवश्यकता होती है।
Google रैंकिंगHTTP Google में रैंकिंग को सुधार नहीं करता है।HTTPS Google में रैंकिंग को बेहतर बनाने में मदद करता है।वर्ष 2014 में, Google ने HTTPS को रैंकिंग संकेत के रूप में उपयोग करना शुरू किया।
तेज़ीhttps की तुलना में तेज।HTTPS में, SSL का एक अतिरिक्त चरण है। यह अतिरिक्त चरण वेबसाइट के पेज लोड की गति को थोड़ा कम करता है।
हैकिंगहैकिंग की संभावना अधिक है।हैकिंग की बहुत कम संभावना है।
भरोसाग्राहकों में कम भरोसा क्योंकि उन्हें सुरक्षा भंग होने का खतरा है और उनकी संवेदनशील जानकारी लीक हो सकती है।ग्राहकों के साथ विश्वास स्थापित करता है क्योंकि वे जानते हैं कि उनकी संवेदनशील जानकारी जैसे ब्राउज़िंग हिस्ट्री, खाता विवरण आदि सुरक्षित हैं।
AMP का उपयोगहम HTTP के साथ AMP(Accelerated mobile pages) का उपयोग नहीं कर सकते।यदि आप Google AMP का उपयोग करना चाहते हैं, तो HTTPS होना आवश्यक है।

HTTPS के लाभ (Advantages of HTTPS)

  • यह उपयोगकर्ताओं को ऑनलाइन बैंकिंग जैसे सुरक्षित ई-कॉमर्स लेनदेन करने की अनुमति देता है ।
  • SSL प्रौद्योगिकी तकनीक किसी भी उपयोगकर्ता की सुरक्षा करती है और विश्वास का निर्माण करती है।
  • एक स्वतंत्र प्राधिकारी प्रमाण पत्र के मालिक की पहचान की पुष्टि करता है। इसलिए प्रत्येक SSL प्रमाण पत्र में मालिक के बारे में अनूठी, प्रामाणिक जानकारी होती है।
  • Google अपने उपयोगकर्ताओं को सुरक्षित साइटों पर भेजना चाहता है और इसके लिए HTTPS कनेक्शन को रैंकिंग संकेत बनाता है। इसका मतलब है कि HTTPS वाली वेबसाइट HTTP वेबसाइट की तुलना में अधिक रैंक की होने वाली है।

HTTPS के साथ उपयोग किए जाने वाले SSL / TLS प्रमाणपत्र के प्रकार

डोमेन मान्यता

डोमेन मान्यता यह पुष्टि करता है कि जो व्यक्ति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करता है, वह डोमेन नाम का मालिक है। इस प्रकार का सत्यापन आमतौर पर कुछ मिनटों से लेकर कुछ घंटों तक होता है।

संगठन की मान्यता

इसमें पहले ये साबित करना होगा की वह डोमेन नाम का मालिक है। बादमें अपनी वयक्तिक पहचान साबित करने के लिए व्यक्तिगत आईडी प्रूफ दस्तावेज (जैसे आधार कार्ड) पूछा जाता है|

विस्तारित मान्यता

विस्तारित मान्यता सत्यापन का सर्वोच्च स्तर है। इसमें डोमेन स्वामित्व, मालिक की पहचान और व्यवहार के पंजीकरण प्रमाण को मान्य करना शामिल है।

समापन

इस लेख में, हमने HTTP और HTTPS की मूल बातें समझीं और साथ ही दोनों के बीच के अंतर को भी जाना। जबकि HTTP ब्राउज़र और सर्वर के बीच डेटा स्थानांतरण के लिए बुनियादी प्रोटोकॉल प्रदान करता है, HTTPS गोपनीयता और प्रमाणीकरण के लिए HTTP में सुरक्षा की एक परत जोड़ता है। इसकी वजह से https थोड़ा धीमा है। HTTPS की गति को बेहतर बनाने के कई तरीके हैं और इन दिनों में HTTPS तेजी से बढ़ रहा है।

Protocol का मतलब क्या है? Protocol meaning in Hindi with Example

आज हम जानेंगे की Protocol का क्या अर्थ है(Protocol meaning in Hindi) Protocol का आविष्कार क्यों किया? Protocol इतना महत्वपूर्ण क्यों है और ये कितने प्रकार के होते हैं| इस  article को पढने के बाद आप नेटवर्क प्रोटोकॉल को अच्छी तरह से समझ पायेंगे।

Protocol का आविष्कार क्यों किया? (Why Protocol Invented)

मान लें कि एक स्कूल में 2 छात्र (A & B) हैं। A कश्मीरी भाषा बोलता है और B कन्नड़ बोलता है। अब एक कक्षा के बाद दोनों एक दूसरे से बात करते हैं। दोनों सोचते हैं कि वे संवाद कर रहे हैं, लेकिन दोनों को यह समझ में नहीं आ रहा है कि दूसरा व्यक्ति क्या बोल रहा है।

स्कूल ये देकता है की कोई आम भाषा नहीं होने के कारण छात्र एक-दूसरे के साथ नहीं मिल सकते हैं| अब स्कूल एक नया नियम लाता है कि सभी छात्रों को अनिवार्य रूप से एक सामान्य भाषा सीखना और बोलना होगा, जैसे हिंदी। प्रारंभ में छात्रों के लिए कठिन हुआ, लेकिन कुछ समय में A और B दोनों ने हिंदी सीखी और अब जब वे एक दूसरे से हिंदी में बात करते हैं, तो वे एक दूसरे को समझने और प्रतिक्रिया देने में सक्षम होते हैं।

Internet में भी वही हुआ। बहुत समय पहले, विभिन्न नेटवर्क / टेलीकॉम विक्रेताओं ने अपने तरीके से उपकरणों को लागू किया था अर्थात एक विक्रेता के एक उपकरण उसी विक्रेता के दूसरे डिवाइस/उपकरण से बात करेगा। पर अगर मुझे एक विक्रेता के एक उपकरण को दूसरे विक्रेता के उपकरण के साथ संपर्क करना था तो यह नहीं हो पता| उदाहरण के लिए अगर मेरे पास BSNL सिम है तो में सिर्फ उन्हीं से बात कर सकता हु जिनके पास BSNL सिम है|

इस समस्या को हल करने के लिए इंटरनेट में थोड़े संगठन का गठन किया गया जो नियमों के सामान्य सेट/समूह को बनाता और प्रकाशित करता था, कि कैसे एक उपकरण अन्य नेटवर्क उपकरणों के साथ सफलतापूर्वक बात करने के लिए संचालित होता है। ये नियम प्रोटोकॉल हैं|

Protocol क्या है? (Protocol meaning in Hindi)

Protocol का अर्थ यह है कि यह सूचना के उचित आदान-प्रदान के लिए संचार चैनल के दोनों सिरों पर पारस्परिक रूप से स्वीकृत और कार्यान्वित नियमों का एक सेट या नियमों का समूह है| सरल भाषा में Protocol एक डिजिटल भाषा है जिसके माध्यम से हम इंटरनेट पर दूसरों के साथ संवाद करते हैं। Protocol का मतलब (protocol meaning in hindi) अच्छे से समझ गए होंगे तो अब इसके प्रकार के बारे में जानेंगे|

प्रोटोकॉल कितने प्रकार के होते हैं? (Types of Protocol in Hindi)

Transmission control Protocol (TCP)

Transmission control Protocol (ट्रांसमिशन कंट्रोल प्रोटोकॉल) का उपयोग नेटवर्क पर डाटा को एक जगह से दूसरे जगह को भेजने के लिए किया जाता है। यह IP प्रोटोकॉल के साथ मिलकर काम करता है| TCP में डेटा को छोटे-छोटे पैकेट(packet) में तोड़ दिया जाता है और फिर लक्ष्य पर भेजा जाता है| हर पैकेट को अलग क्रमांक होता है जिसे उपभोक्ता कंप्यूटर(receiving computer) पैकेट को क्रमांक के मुताबिक पुनः इकट्ठा करता है। अगर डाटा स्थानांतरण के वक्त कोई डाटा पैकेट खो जाता है, तो TCP के पास पुनर्जनन अनुरोध (regeneration request) भेज कर उस पैकेट डाटा को वापस लाने की क्षमता होती है|

इंटरनेट प्रोटोकॉल (Internet protocol)

IP Protocol को 1970 में विकसित किया गया था| यह एक पताभिगमन (addressing) प्रोटोकॉल है। IP address पैकेट को रूट करते हैं और विभिन्न नोड्स और नेटवर्क को दिखाते हैं जब तक कि यह अपने सही लक्ष्य तक नहीं पहुंचते। इंटरनेट पर कई प्रोटोकॉल का उपयोग किया जाता है, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक मेल (ई-मेल), फाइल ट्रांसफर प्रोटोकॉल (FTP ), HTTP (वर्ल्ड वाइड वेब), गोफर और टेलनेट शामिल हैं। इनमें से प्रत्येक का अपना मानक(standard) और उपयोग है।

HTTP (Hypertext Transfer Protocol)

Hypertext Transfer Protocol (हाइपरटेक्स्ट ट्रांसफर प्रोटोकॉल) वेब पेजों को वेब ब्राउजर में दिखाने के लिए वेब सर्वर द्वारा इस्तेमाल किया जाने वाला प्रोटोकॉल है। यदि आप अपने वेब ब्राउजर के एड्रेस बार में देखते हैं, तो वह एड्रेस के सामने उपसर्ग “http: //” या “https ://”है। उदाहरण के लिए https://naveevo.com में https:// इंटरनेट प्रोटोकॉल है| और naveevo.com डोमेन नाम है|
डोमेन नाम के बारे में जानकारी केलिए इस लेख को पढ़िए।
http:// और https:// के बारे में जानकारी केलिए इस लेख को पढ़िए।

FTP (File Transfer Protocol)

File Transfer Protocol (फ़ाइल स्थानांतरण प्रोटोकॉल), या FTP, एक फ़ाइल को एक कंप्यूटर से दूसरे कंप्यूटर में स्थानांतरित करने का एक साधन है। FTP का उपयोग आमतौर पर वेब पेज को वेब सर्वर पर अपलोड करने के लिए किया जाता है| एक विशेष प्रोग्राम, जिसे क्लाइंट(client) कहा जाता है, आमतौर पर FTP का उपयोग करते समय क्लाइंट की आवश्यकता होती है। एक फ्री FTP client का नाम FileZilla है| ज्यादातर वेब डेवेलपर्स(web developers) इसका उपयोग करते है|

Electronic Mail (Email)

इलेक्ट्रॉनिक मेल में तीन अलग प्रोटोकॉल है|
1) SMTP (Simple Mail Transfer Protocol)
सिंपल मैल ट्रांसफर प्रोटोकॉल या SMTP का उपयोग ई-मेल भेजने के लिए किया जाता है|
2) IMAP (Internet Message Access Protocol) और 3)POP3 (Post Office Protocol)
IMAP और POP3 का उपयोग ई-मेल प्राप्त करने के लिए किया जाता है। लगभग सभी इंटरनेट सेवा प्राधाताओं में सभी तीन प्रोटोकॉल काम करते हैं। अधिकांश प्रदाताओं ई-मेल प्राप्त करने के लिए POP3 का उपयोग करते है और ई-मेल भेजने के लिए SMTP का उपयोग करता है।

Ethernet

ईथरनेट(Ethernet ) LAN communication के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक सबसे लोकप्रिय प्रोटोकॉल है। ईथरनेट डेटा को डिजिटल पैकेट में प्रसारित करता है। यदि कोई कंप्यूटर इस प्रोटोकॉल का उपयोग करना चाहता है, तो उसे ईथरनेट नेटवर्क इंटरफेस कार्ड(NIC) का होना जरूरी होता है। स्कूल, कॉलेज, ऑफिस आदि में LAN कनेक्शन का उपयोग होता है और इस प्रकार के कनेक्शन के लिए Ethernet का उपयोग किया जाता है|

Telnet

टेलनेट(Telnet) नियमों का एक सेट है जिसका उपयोग एक कंप्यूटर को दूसरे कंप्यूटर से जोड़ने के लिए किया जाता है। इस कनेक्शन की प्रक्रिया को रिमोट लॉगिन कहा जाता है। कनेक्शन का अनुरोध करने वाले कंप्यूटर को स्थानीय कंप्यूटर(local computer ) कहा जाता है, जो कनेक्शन को स्वीकार करते हैं उसे रिमोट कंप्यूटर कहा जाता है।

Gopher

गोफर एक एप्लिकेशन लेयर प्रोटोकॉल है, जिसका उपयोग रिमोट साइटों से दस्तावेजों को खोजने और पुनः प्राप्त करने के लिए किया जाता है। गोफर के माध्यम से अन्य कंप्यूटरों के साथ ऑनलाइन कनेक्शन शुरू करना संभव है। गोफर की अब बहुत कम कार्यान्वयन हैं इसे उपजोग करनेवाले अब HTTP प्रोटोकॉल का उपयोग करहते है। गोफर-आधारित डेटाबेस, सर्वर या वेबसाइट को दो खोज इंजनों के माध्यम से पहुँचा जा सकता है: वेरोनिका और जुगहेड।

समापन

उमीद है आपको Protocol क्या है (Meaning of Protocol in Hindi) और ये कितने प्रकार के होते हैं(Types Of Protocol) यह जानकारी अच्छी तरह से समझ में आगई होगी. इसको पढ़ने के बाद आपको समझ मे आ गया होगा कि internet पर data communication के लिये प्रोटोकॉल कितने महत्वपूर्ण है. मेरा ये लेख कैसा लगा सलाह दीजिए और अगर आप कोई सवाल पूछना या सुझाव देना चाहते हैं तो नीचे कमेंट के माध्यम से अपनी बात हम तक जरूर पहुंचाएं। 

Domain Name

Domain Name क्या है और डोमेन नाम कैसे खरीदें – Domain name in Hindi

सबसे पहले हम जान लेते है की domain name का आविष्कार क्यों किया| Internet एक बड़ा केबल के माध्यम से एक दूसरे से जुड़े कंप्यूटरों का एक विशाल नेटवर्क है। इस नेटवर्क का प्रत्येक कंप्यूटर अन्य कंप्यूटरों के साथ संवाद कर सकता है। उनकी पहचान करने के लिए, प्रत्येक कंप्यूटर को एक आईपी पता(ip address) सौंपा जाता है। यह संख्याओं की एक श्रृंखला है जो इंटरनेट पर एक विशेष कंप्यूटर की पहचान करती है। एक विशिष्ट आईपी पता इस तरह दिखता है: 66.249.65.109

अब इस तरह के एक आईपी पते को याद रखना काफी मुश्किल है। सोचिए, अगर आपको अपनी पसंदीदा वेबसाइटों पर जाने के लिए ऐसे नंबरों का इस्तेमाल करना पड़े। इस समस्या को हल करने के लिए domain name का आविष्कार किया गया था। प्रत्येक आईपी पते को एक अलग नाम: डोमेन नाम के साथ मिलान करने का निर्णय लिया गया।

डोमेन नाम क्या है?

Domain name एक वेबसाइट का पता है जो लोग उस वेबसाइट पर जाने के लिए ब्राउज़र URL बार में टाइप करते हैं। डोमेन नाम प्रोटोकॉल संकेत (HTTP://) के बाद होता है| उदाहरण के लिए: https://naveevo.com/ में naveevo.com डोमेन नाम है| सरल शब्दों में, यदि आपकी वेबसाइट एक घर है, तो आपका डोमेन नाम उसका पता है। डोमेन नाम से उपयोगकर्ताओं को किसी साइट का पता याद रखने मे आसान हो जाता है|

Subdomain क्या है?

एक subdomain एक ऐसा डोमेन है जो एक बड़े डोमेन का एक हिस्सा है| उदाहरण के लिए, wikipedia.org विकिपीडिया का डोमेन नाम है, और hi.wikipedia.org इसका सब डोमेन है। जहा पर आप हिंदी भाषा में जानकारी ले सकते है|

Domain Name के प्रकार

gTLD – generic Top Level Domains

जब इंटरनेट शुरू हुआ, तो ये सबसे लोकप्रिय और मूल डोमेन एक्सटेंशन उपलब्ध थे: .com, .net, .org, .int, .gov, .edu, और .mil|

.int, .gov, .edu और .mil ये शीर्ष स्तर के डोमेन कुछ सरकारी समूहों के लिए आरक्षित हैं|ये डोमेन एक्सटेंशन आम लोगों के लिए उपलब्ध नहीं हैं| .com डोमेन एक्सटेंशन बहुत लोकप्रिय है|और कोई भी व्यक्ति इस डोमेन एक्सटेंशन को खरीद सकता है|यदि आप चाहते हैं तो चुनने के लिए आपके पास 200+ डोमेन एक्सटेंशन उपलब्ध है|http://data.iana.org/TLD/ यहाँ IANA का डोमेन नाम सूची है, आप इस पेज पर उपलब्ध सभी डोमेन एक्सटेंशन सूची पा सकते हैं|

ccTLD country code Top Level Domains

एक देश को दूसरे से भिन्न करने के लिए, विशेष रूप से एक जो शीर्ष स्तर डोमेन जैसे .gov या .mil का उपयोग करना चाहेगा, दो अक्षर डोमेन स्थापित किए गए और देशों के साथ जुड़ गए। उदाहरण के लिए .uk और .in, इंग्लैंड और भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए|

डोमेन नाम कैसे खरीदें (How to Buy Domain Name)

सबसे पहले आपको एक अच्छे डोमेन नाम को चुनना होगा| बाद में आपको यह खोजना होगा कि आपका पसंदीदा डोमेन नाम उपलब्ध है या नहीं| यहां पर आपका पसंदीदा डोमेन नाम खोज सकते हैं| जब आपने सही नाम चुन लिया और यह सुनिश्चित कर लिया कि यह खरीद के लिए उपलब्ध है तो आप उस डोमेन नाम को किसी भी ICANN अधिकृत रजिस्टरों से खरीद सकते हैं| ICANN विभिन्न प्रकार के डोमेन नामों को वर्गीकृत करता है और यह सुनिश्चित करता है कि प्रक्रिया सुचारू रूप से चले। कैसे भारत में बैंकों के लिए RBI है वैसे डोमेन रजिस्टरों के ली लिए ICANN है|यहां पर सभी ICANN अधिकृत रजिस्टरों को देख सकते है। इनमें से किसी भी डोमेन नाम रजिस्टर से डोमेन नाम खरीद सकते है|

डोमेन नाम खरीदते समय ध्यान रखने योग्य बातें
(Things to consider while purchasing domain)

  • ऐसे डोमेन खरीदें जो टाइप करना और याद रखने में आसान हो
  • डोमेन नाम छोटा होना चाहिए
  • अगर .com या .in डोमेन नाम उपलब्ध है तो वहीं खरीदे
  • ऐसा डोमेन नाम न खरीदें जो किसी मौजूदा वेबसाइट के समान हो
  • संख्या या हाइफ़न के डोमेन नाम न खरीदें| उदाहरण के लिए web123.com, web-site.com

निष्कर्ष

हम आशा करते हैं कि हमने आपको बहुमूल्य जानकारी प्रदान की है। यदि आपके कोई भी प्रश्न है, तो नीचे टिप्पणी बॉक्स के माध्यम से कोई भी प्रश्न पूछने के लिए स्वतंत्र महसूस करें।

Hyperlink क्या है और इसके प्रकार – What is Hyperlink in Hindi

Link क्या है What is link?

संचार का जिक्र करते समय, एक लिंक दो उपकरणों के बीच एक संबंध है। इंटरनेट पर, एक लिंक को उचित रूप से hyperlink के रूप में संदर्भित किया जाता है|

Hyperlink क्या है?

Hyperlink in Hindi

Hyperlink एक HTML object होता है यह एक वेब पेज को दुसरे वेब पेज के साथ जोड़ता है| यह उपयोगकर्ता को विभिन्न पृष्ठों के बीच संपर्क करने में आसान बनाता है। ज्यादातर hyperlink का कलर नीला होता है| हाइपरलिंक एक वेब पेज को वेबसाइट के भीतर या किसी बाहरी साइट से जोड़ता है।

हाइपरलिंक के प्रकार (Types of Hyperlink)

Anchored links

इसमें same location के page को link किया जाता है|आपने देखा होगा कई सारे वेबसाइट में सबसे नीचे back to top या top का लिंक होता है जिस पर क्लिक करते ही cursor पेज के सबसे top में चला जाता है|

Internal link

यह ऐसा लिंक है जो उसी वेबसाइट का दूसरा पेज को कनेक्ट या link करता है| जिसे क्लिक करते ही आप उसी वेबसाइट की और एक लेकन पढ़ सकते है| उदाहरण के लिए अगर आप इस हाइपरलिंक को क्लिक करेंगे तो आप वेबसाइट कैसे बनाये के बारे मे जान सकते है|

External link

External link पर क्लिक करने से आप किसी अन्य वेबसाइट के पेज पर पहुंच जाते हैं। external link के साथ एक बड़ी समस्या यह है कि अगर उस वेबसाइट के मालिक उस पेज को हटाता है तो एक टूटे हुए पेज (404 error page) आपको मिल सकता है।

सारांश

एक external link आपको किसी अन्य वेबसाइट के एक पेज को संपर्क करता है, एक internal link आपको मौजूदा साइट के किसी अन्य पेज को संपर्क करता है, और एक anchor link मौजूदा पेज पर किसी अन्य क्षेत्र से संपर्क करता है। यदि आपको hyperlink के बारे में कोई संदेह है तो comment करके बताएं|

website ke fayde

वेबसाइट क्या है और वेबसाइट के फायदे – What is Website in Hindi

इस डिजिटल युग में website एक बहुत महत्वपूर्ण विषय है| इस शब्द का उपयोग अक्सर किया जाता है| डिजिटल के युग में हर व्यक्ति को वेबसाइट के बारे में जानकारी होना जरूरी है| तो इस पोस्ट में हम वेबसाइट के बारे में विस्तार से जानेंगे|उदाहरण के तौर पर एक ऑफलाइन business में salesman होना जरूरी है वैसे ही डिजिटल युग में एक कंपनी को अपनी सेवाए ग्राहक तक पहुंचने में वेबसाइट होना बहुत जरूरी है|

वास्तव में एक वेबसाइट क्या है

एक website वेब पेजों का एक समूह होता है| जिसमें एक शुरुआत फ़ाइल शामिल है जिसे होम पेज कहा जाता है। यह आमतौर पर पहला पेज होता है जिसे आप किसी वेबसाइट पर देखते हैं और इसे start page या ‘index page’ भी कहा जाता है। यहाँ से, उपयोगकर्ता वेबसाइट के उपपृष्ठों(subpages) में जाता है। उदाहरण के लिये naveevo.com एक वेबसाइट है औ इस वेबसाइट का होम पेज www.naveevo.com या naveevo.com है और अब जो पेज आप पड रहे है इसे सबपेज कहा जथा है|अगर आप किसी कंपनी के बारे में जानना चाहते है तो उस कंपनी का होमपेज का पता होना जरुरी है|

वेबसाइट के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए इस वीडियो को देके|

इंटरनेट पर वेबसाइट कौन बनाता है

कोई भी Business, सरकार, संगठन या व्यक्ति इंटरनेट पर एक वेबसाइट बना सकते है। आज, इंटरनेट में विभिन्न लोगों द्वारा बनाई गई करोड़ों वेबसाइट हैं। आप भी इंटरनेट पर एक वेबसाइट या ब्लॉग बना सकते हैं। बस आपको एक domain name खरीदना होगा (जैसे naveevo.com), और web hosting किराए पर लेना होगा| वेबसाइट बनाने के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप हमारे इस ब्लॉग पोस्ट को पढ़ सकते हैं

आप एक वेबसाइट पर क्या कर सकते हैं?

अधिकांश वेबसाइटों पर आप प्रत्येक वेब पेज पर मौजूद जानकारी को पढ़ते हैं। यदि कोई दिलचस्प hyperlink हैं, तो आप उस लिंक पर क्लिक कर सकते हैं ताकि अधिक जानकारी मिल सके या कोई कार्य कर सकें। आप कई वेबसाइटों पर संगीत सुन सकते हैं, वीडियो देख सकते हैं, चीजें खरीद सकते हैं, सोशल मीडिया वेबसाइटों में एक दूसरे के साथ संवाद कर सकते हैं।

वेबसाइट के फायदे (Advantages of Website)

  • ज्यादा लोगों तक पहुंचना |

यदि आप एक businessman है तो जितने लोगों को आपके business के बारे मेंजानकारी होती है उतनी आपके business के लिए फ़ायदा है| इंटरनेट का उपयोग लाखों लोगों द्वारा किया जाता है, वे सभी कुछ सेवाएं ढूंढ रहे होते हैं और अगर वो सेवाएं आपके website में है तो आपके लिए ये फायदे मंद होगा|

  • कोई भी, कहीं भी और किसी भी समय

website होने का एक फायदा है की अपने वेबसाइट के बारे में दुनिया की किसीबी कोने से कोई भी व्यक्ति किसी भी समय जानकारी ले सकता है| इंटरनेट 24X7 ऑनलाइन है| अगर आपका business खुला नहीं है तो भी आपकी वेबसाइट होगी|

  • कम महंगा

क्या आपने कभी अपनी कंपनी का प्रचार किया है तो आप जानते होंगे कि एक कंपनी का प्रचार करना कितना महंगा है| कंपनी का वेबसाइट होने से कंपनी का प्रचार कम खर्चे में कर सकते है|

  • कीर्ति बढ़ती है

आप visiting card, विज्ञापनों में अपनी वेबसाइट के पते का उपयोग कर सकते है और इससे आपकी business का कीर्ति बढ़ती है|

  • विश्वसनीयता

एक वेबसाइट आपको अपनी विश्वसनीयता साबित करने का अवसर देती है। आप को अपनी वेबसाइट के माध्यम से ग्राहकों को बताना होगा कि आपकी business उनके भरोसे के लायक क्यों हैं। यह आपकी सेवा और उत्पादों के लिए सकारात्मक प्रतिक्रिया उर्जित कर सकता है। इसके अलावा, आपकी वेबसाइट संभावित निवेशकों(Investors) के लिए यह पता लगाने के लिए एक जगह के रूप में कार्य करती है कि आपका business क्या है और भविष्य में यह क्या कर सकता है|

आपके विचार: -ये आपके business के लिए वेबसाइट बनाने के कुछ फायदे और लाभ हैं। क्या आपको वेबसाइट से होने वाले अन्य फायदों के बारे में पता है? नीचे कमेंट करके हमें बताएं|